प्रस्तावना: भारत में सड़क सुरक्षा की नई सुबह
PM Rahat Yojana 2026 – भारत में हर साल लाखों लोग सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं। आंकड़ों के अनुसार, भारत में प्रतिवर्ष लगभग 1.5 लाख से अधिक लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा देते हैं। इनमें से अधिकांश मौतें “गोल्डन आवर” (दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा) में उचित उपचार न मिलने के कारण होती हैं।
अक्सर अस्पताल इलाज शुरू करने से पहले पैसों की मांग करते हैं या पुलिस केस (MLC) की जटिलताओं के कारण देरी होती है। इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने PM RAHAT (Road Accident Victim Hospitalization and Assured Treatment) योजना की शुरुआत की है। यह योजना न केवल एक स्वास्थ्य पहल है, बल्कि मानवता की रक्षा के लिए एक जीवनरक्षक कवच है।
1. PM Rahat Yojana 2026 क्या है? (Understanding PM-RAHAT)
PM RAHAT Yojana सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा स्वास्थ्य मंत्रालय के समन्वय से संचालित एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़क दुर्घटना के शिकार किसी भी व्यक्ति को (चाहे वह अमीर हो या गरीब) बिना किसी अग्रिम भुगतान (Advance Payment) के तत्काल गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सहायता मिले।
यह योजना Motor Vehicle Amendment Act 2019 के प्रावधानों के तहत बनाई गई है, जिसमें सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए एक अनिवार्य बीमा और उपचार कोष का प्रावधान किया गया था। 2026 में इसे पूर्ण रूप से एक राष्ट्रीय मिशन के रूप में लागू किया गया है।

2. PM Rahat Yojana 2026 योजना की मुख्य विशेषताएं (Key Features)
क. ₹1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार
योजना के तहत प्रत्येक सड़क दुर्घटना पीड़ित को ₹1,50,000 (डेढ़ लाख रुपये) तक के मुफ्त इलाज की गारंटी दी गई है। यह राशि अस्पताल के खर्चों, दवाओं और सर्जरी के लिए पर्याप्त मानी गई है।
ख. 7 दिनों की उपचार अवधि
यह लाभ दुर्घटना की तिथि से अधिकतम 7 दिनों तक के अस्पताल में भर्ती रहने के लिए मान्य है। यदि पीड़ित की स्थिति गंभीर है और उसे लंबे उपचार की आवश्यकता है, तो उसे आयुष्मान भारत (PM-JAY) या अन्य राज्य स्वास्थ्य योजनाओं में स्थानांतरित किया जा सकता है।
ग. गोल्डन आवर पर विशेष बल
चिकित्सा विज्ञान में दुर्घटना के बाद के पहले 60 मिनट ‘गोल्डन आवर’ कहलाते हैं। यदि इस दौरान इलाज मिल जाए, तो बचने की संभावना 80% बढ़ जाती है। पीएम राहत योजना अस्पतालों को यह कानूनी और नैतिक बाध्यता देती है कि वे बिना भुगतान की प्रतीक्षा किए उपचार शुरू करें। PM Rahat Yojana 2026
घ. ई-डार (e-DAR) पोर्टल का एकीकरण
योजना को e-Detailed Accident Report (e-DAR) पोर्टल से जोड़ा गया है। इससे पुलिस, अस्पताल और बीमा कंपनियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान डिजिटल रूप से होता है, जिससे कागजी कार्रवाई में समय बर्बाद नहीं होता।
3. पीएम राहत योजना के लाभ (Benefits for Citizens)
| लाभ का क्षेत्र | विवरण |
| वित्तीय सुरक्षा | पीड़ित परिवार पर अचानक आने वाले बड़े मेडिकल बिलों का बोझ नहीं पड़ता। |
| त्वरित प्रतिक्रिया | 112 हेल्पलाइन और जीपीएस-सक्षम एंबुलेंस का जाल बिछाया गया है। |
| अस्पतालों की पहुंच | न केवल सरकारी, बल्कि निजी मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल भी इसमें शामिल हैं। |
| अनाम सुरक्षा | पीड़ित की पहचान न होने पर भी उपचार शुरू किया जा सकता है। |
| ट्रॉमा केयर नेटवर्क | योजना के तहत राजमार्गों पर हर 50 किमी पर ट्रॉमा सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। |
4. पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
पीएम राहत योजना को अत्यंत समावेशी बनाया गया है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति छूट न जाए:
- नागरिकता: यह योजना सभी भारतीय नागरिकों के लिए है। कुछ मामलों में, भारत की सड़कों पर दुर्घटनाग्रस्त होने वाले विदेशी पर्यटकों को भी इसमें शामिल किया गया है।
- दुर्घटना का स्थान: दुर्घटना भारत की किसी भी सार्वजनिक सड़क (National Highway, State Highway, या Urban/Rural road) पर होनी चाहिए।
- वाहन का प्रकार: इसमें दोपहिया, चारपहिया, कमर्शियल वाहन या पैदल यात्री, सभी शामिल हैं।
- बीमा की स्थिति: यदि वाहन का बीमा नहीं भी है, तब भी पीड़ित को योजना का लाभ मिलेगा। सरकार बाद में वाहन मालिक से इसकी वसूली की प्रक्रिया कर सकती है, लेकिन उपचार नहीं रुकेगा। PM Rahat Yojana 2026

5. आवेदन प्रक्रिया और कार्यप्रणाली (Process Flow)
इस योजना का लाभ लेने के लिए पीड़ित को कहीं फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है। यह एक स्वचालित (Automatic) प्रक्रिया है:
स्टेप 1: एक्सीडेंट की सूचना
जैसे ही सड़क पर कोई दुर्घटना होती है, चश्मदीद या पुलिस 112 (Emergency Response Support System) पर कॉल करती है।
स्टेप 2: अस्पताल चयन
सिस्टम स्वचालित रूप से निकटतम ऐसे अस्पताल की पहचान करता है जो ‘पीएम राहत’ के पैनल में शामिल है और जहाँ आवश्यक ट्रॉमा सुविधाएं उपलब्ध हैं। PM Rahat Yojana 2026
स्टेप 3: डिजिटल आईडी का निर्माण
अस्पताल में पहुँचते ही पीड़ित की एक डिजिटल आईडी (e-DAR के माध्यम से) बनाई जाती है। यदि पीड़ित के पास आधार कार्ड है, तो उसे लिंक किया जाता है। PM Rahat Yojana 2026
स्टेप 4: उपचार का प्रारंभ
अस्पताल बिना किसी ‘डिपोजिट’ के इलाज शुरू करता है। उपचार के दौरान लगने वाले खर्च का विवरण रीयल-टाइम में पोर्टल पर अपडेट किया जाता है।
स्टेप 5: भुगतान निपटान
उपचार पूरा होने के बाद, अस्पताल अपने बिल Motor Vehicle Accident Fund (MVAF) को भेजता है, जहाँ से 15-30 दिनों के भीतर सीधे अस्पताल के बैंक खाते में भुगतान कर दिया जाता है। PM Rahat Yojana 2026
6. आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
यद्यपि “आपातकाल में कोई दस्तावेज अनिवार्य नहीं है”, लेकिन बाद में सत्यापन के लिए निम्नलिखित की आवश्यकता हो सकती है:
- आधार कार्ड (पहचान के लिए)
- दुर्घटना की FIR प्रति (अस्पताल और पुलिस के समन्वय से प्राप्त)
- वाहन का विवरण (यदि संभव हो)
- मोबाइल नंबर (OTP आधारित सत्यापन के लिए)
7. योजना का वित्तीय ढांचा (Funding Mechanism)
सरकार ने इस योजना के लिए एक समर्पित ‘मोटर वाहन दुर्घटना कोष’ बनाया है। इस कोष में पैसा निम्नलिखित स्रोतों से आता है:
- केंद्र सरकार द्वारा वार्षिक बजटीय आवंटन।
- बीमा कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले प्रीमियम का एक निश्चित हिस्सा।
- यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगने वाले जुर्माने का कुछ प्रतिशत। PM Rahat Yojana 2026
8. गुड सेमेरिटन (नेक मददगार) और पीएम राहत योजना
सरकार ने ‘गुड सेमेरिटन’ (Good Samaritan) कानून को इस योजना के साथ मजबूती से लागू किया है।
- मदद करने वाले व्यक्ति को अस्पताल में रुकने या पैसे देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
- मददगार को पुलिस पूछताछ के लिए परेशान नहीं करेगी। PM Rahat Yojana 2026
- कई राज्यों में घायल को अस्पताल पहुँचाने वाले को नकद पुरस्कार (₹5,000 तक) देने का भी प्रावधान है। PM Rahat Yojana 2026
9. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: क्या यह योजना निजी अस्पतालों में भी लागू है?
उत्तर: हाँ, योजना के तहत पैनल में शामिल सभी निजी और सरकारी अस्पतालों में ₹1.5 लाख तक का इलाज मुफ्त है।
प्रश्न 2: यदि इलाज का खर्च 1.5 लाख से अधिक हो जाए तो क्या होगा?
उत्तर: ₹1.5 लाख तक का खर्च सरकार उठाएगी। इसके ऊपर का खर्च या तो पीड़ित के निजी बीमा (यदि कोई हो) या आयुष्मान भारत योजना (यदि पात्र हो) से कवर किया जाएगा। अन्यथा, परिवार को शेष राशि का भुगतान करना होगा।
प्रश्न 3: क्या इसके लिए पहले से कोई पंजीकरण कराना पड़ता है?
उत्तर: नहीं, यह घटना आधारित (Incident-based) योजना है। इसके लिए किसी पूर्व पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है।
प्रश्न 4: क्या शराब पीकर गाड़ी चलाने पर भी इसका लाभ मिलेगा?
उत्तर: मानवीय आधार पर तत्काल उपचार दिया जाएगा, लेकिन कानूनी नियमों के अनुसार बीमा कंपनियां या सरकार बाद में दोषी ड्राइवर के खिलाफ रिकवरी की कार्रवाई कर सकती है। PM Rahat Yojana 2026

10. निष्कर्ष: एक सुरक्षित भारत की ओर कदम
PM Rahat Yojana 2026 केवल एक मुफ्त इलाज की योजना नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक को यह भरोसा दिलाती है कि सड़क पर संकट के समय देश उनके साथ खड़ा है। यह योजना स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों को 50% तक कम करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगी। sarkariconnect.com
निष्कर्ष और आगामी कदम
यदि आप इस योजना के बारे में अधिक जानना चाहते हैं या अपने क्षेत्र के निकटतम पैनल वाले अस्पतालों की सूची देखना चाहते हैं, तो आप सड़क परिवहन मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं। PM Rahat Yojana 2026
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